फिशिंग के बारे में

फिशिंग एक प्रकार की धोखाधडी है जो धोखाधडी और अन्य व्यक्तिगत हितों के लिए आपके महत्वपूर्ण व्यक्तिगत डाटा की चोरी करने के लिए तैयार किया जाता है. फिशिंग द्वारा विश्वसनीय पहचान बनाकर धोखाधडी से महत्वपूर्ण सूचना जैसे यूजरनाम, पासवर्ड, खाते का डाटा और अन्य सूचना प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है. यह सामान्य रुप में  ई-मेल या इन्स्टेंट मेसेज द्वारा किया जाता है.

फिशिंग तकनीक :

  • धोखाधडी से भेजे गए ई - मेल द्वारा, जो वैध पते से भेजा गया जैसा लगता हो.
  • पॉप-अप विन्डो मेसेजों द्वारा.
  • इसमें अकसर असली संस्थाओं के औपचारिक रुप में दिख रहे लोगो और वैध वेबसाइटों से सीधे लिए गए अन्य पहचान की सूचना शामिल है.
  • आपको ऐसी धोखाधडी वाले व्यक्तियों से भी फोन आ सकता है जिसमें वे अपने आप को बैंक के अधिकारी बताते हैं और आपसे अपडेशन का बहाना बनाकर खाते का विवरण आदि की मांग करते हैं.
  • वह आपको व्यक्तिगत सूचना जैसे पासवर्ड, खाते की सूचना, क्रेडिट कार्ड के विवरण आदि अपडेट करने के लिए बोलेगा.
  • आप धोखाधडी वाले व्यक्तियों से फोन कॉल भी प्राप्त कर सकते हैं जिसमें बैंक अधिकारियों का बहाना बनाकर आपके खाता विवरण आदि अपडेट करने की मांग करता है.
  • बैंक के मेसेज होने का दावा करते हुए प्रयोगकर्ताओं को अपने बैंक के खाते से संबंधित समस्याओं के बारे में एक नंबर पर डायल करने के लिए कहा गया.

यदि आपने एक बार  इन धोखाधडी माध्यमों में किसी एक का भी उत्तर दिया तो इसका अर्थ है कि आप फिशिंग ट्रेप में फंस गए हैं.

फिशिंग अटेक रोकें :

नहीं करें :

  • किसी अनपेक्षित स्रोत से प्राप्त मेल द्वारा किसी लिंक पर क्लिक न करें.
  • आपकी व्यक्तिगत सूचना की मांग करनेवाले किसी मेल का उत्तर नहीं दें, जिसमें आपको फिशिंग का प्रयास लगता हो.
  • पॉप -अप विंडो के रुप में जो पेज प्रदर्शित होते हैं, उसमें अपनी किसी व्यक्तिगत सूचना का प्रकटन नहीं करें.
  • अपनी व्यक्तिगत सूचना जैसे पासवर्ड, खाते का विवरण, क्रेडिट कार्ड का विवरण आदि फोन पर या ई-मेल में किसी अकारण अनुरोध पर प्रकट न करें
  • किसी ऐसे मेल की जाल में न फंसे जो उसके अनुपालन पर पुरस्कार का वादा करता है या गैर अनुपालन पर दंड देने की चेतावनी देता है.
  • किसी को भी, देना बैंक के अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण सूचना जैसे पासवर्ड, खाते का विवरण आदि प्रकट न करें.

करें :

  • इंटरनेट बैंकिंग साईट में लोगिन के लिए एड्रस बार में हमेशा सही यू.आर.एल. टाइप करें.
  • फोन / इंटरनेट पर अपना व्यक्तिगत विवरण तभी प्रदान करें जब फोन आपके द्वारा किया गया है और दूसरे पक्ष के व्यक्ति का सही प्राधिकरण प्राप्त हो.
  • प्राधिकृत लोगिन पेज को ही यूजर आई.डी. और पासवर्ड प्रदान करें.
  • बैंक कभी भी आपके खाते की सूचना का सत्यापन मेल द्वारा करने की मांग नहीं करेगा.

यदि आपको लगता है कि आप फिशिंग ट्रेप में फंसे हैं तो

  • जब आपको लगे कि आप फिशिंग ट्रेप में फंस गए हैं तो तुरंत अपना पासवर्ड बदलें.
  • धोखाधडी के बारे में बैंक के अधिकारियों को सूचित करें.
  • खाता विवरणी की जांच करें और सुनिश्चित करें कि वह हर तरह से सही है.