इण्डो-नेपाल प्रेषण सुविधा योजना के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न १. इण्डो-नेपाल प्रेषण सुविधा योजना की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं ?
उत्तर : यह एक सीमापार एकमार्गीय प्रेषण सुविधा योजना है जो भारत से नेपाल धन-प्रेषण की सुविधा देती है. एक प्रेषक किसी भी एनईएफटी शाखा से भारतीय रुपए ५०,०००/- का निधि अंतरण नेपाल में कर सकता है. हिताधिकारी नेपाली रुपए में निधियाँ प्राप्त करेगा.

प्रश्न २. क्या भारत में किसी बैंक में खाता रखना प्रेषक के लिए आवश्यक है ?
उत्तर : कोई आवश्यक नहीं है. यहाँ तक कि कोई भी राही ग्राहक रु.५०,०००/- तक की नकद राशि जमा कर सकता हे और उसे हिताधिकारी को भेज सकता है.

प्रश्न ३. क्या नेपाल में किसी बैंक में खाता रखना प्रेषक के लिए आवश्यक है ?
उत्तर : हिताधिकारी यदि एक बैंक खाता रखता है तो यह एक आदर्श स्थिति होगी क्योंकि उस खाता में जमा दिया जा सकता है. योजना के अंतर्गत, यदि हिताधिकारी भीतरी प्रदेश में रहता है जहाँ कोई बैंक शाखा नहीं है तो नेपाल स्टेट बैंक ने रुपया अंतरण कंपनी के साथ नेपाल में गठजाे़ड किया है जो हिताधिकारी को नकद सौंपने की व्यवस्था करेगा.

प्रश्न ४. प्रेषक द्वारा प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम कागज़ात / पहचान क्या हैं ?
उत्तर : यदि प्रेषक ग्राहक का अपना कोई खाता है तो फिर और किसी अतिरिक्त पहचान की आवश्यकता नहीं है. अन्यथा, प्रेषक को पहचान दस्तावेज का सबूत प्रस्तुत करना होगा जैसे कि पासपोर्ट / पैन कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / टेलीफोन बिल / नियोजक द्वारा जारी पहचान का प्रमाण पत्र जिसके साथ विस्तृत विवरण, फोटोग्राफ आदि हो. ये सूचनाएँ 'केवाईसी' मानदंडों के अनुपालन में प्रणाली में शामिल कर ली जाएंगी. हिताधिकारी के नेंपाल वाले पूरे पते और टेलीफोन नम्बर की भी आवश्यकता होगी.

प्रश्न ५. लेन-देन का प्रवाह भारत से नेपाल में कैसे होता है और लेन-देन को पूरा होने के लिए समय-सीमा क्या है ?
उत्तर : यह प्रेषण भारत में किसी भी एनईएफटीयुक्त शाखा में शुरू किया जा सकता है जिसकी संख्या आज की तारीख में ४४,००० है. लेन-देन का प्रवाह भारतीय स्टेट बैंक की नामित शाखा में होगा जो दिन भर में प्राप्त ऐसी सभी प्रेषण सूचनाओं को समेकित करेगी. दिन की समाप्ति पर, प्रेषण सूचनाएँ सुरक्षित स्वरूप में नेपाल स्टेट बैंक लिमिटेड को भेज दी जाएंगी. नेपाल स्टेट बैंक अपने प्राधिकृत रुपया अंतरण एजेंट के द्वारा या तो बैंक खाते में जमा देने की अथवा हिताधिकारी को निधियों के संवितरण की व्यवस्था करेगा.

यदि हिताधिकारी के खाते का विस्तृत विवरण उपलब्ध है तो नेपाल स्टेट बैंक खाते में जमा देने की व्यवस्था करेगा. अन्यथा, हिताधिकारी को प्रेषक से यूटीआर नम्बर प्राप्त करने के बाद रुपया अंतरण एजेंसी के कार्यालय के संपर्क में रहना होगा. उसे प्रेषक की पहचान सिद्ध करने के लिए उसका विस्तृत विवरण एवं एक फोटो पहचान दस्तावेज (सामान्यत: नागरिकता प्रमाण पत्र) प्रस्तुत करना होगा.

यदि एक सप्ताह तक हिताधिकारी रुपया अंतरण एजेंसी से संपर्क नहीं करता है तो रुपया अंतरण एजेंसी मूल प्रेषक को धन-प्रेषण लौटाने की व्यवस्था करेगा.

प्रश्न ६. प्रेषण व्यवस्था के लिए कितना शुल्क है ?
उत्तर : चूँकि इस योजना का लक्ष्य प्रवासी कार्यकर्ता हैं, रियायती शुल्क का ध्यान रखा गया है. भारत में एनईएफटीयुक्त शाखा के खाते से नेपाल स्टेट बैंक के खाते में निधि के अंतरण के लिए कोई शुल्क नहीं है.भारत में किसी भी एनईएफटी शाखा से सभी प्रेषण नि:शुल्क हैं. तथापि, व्यवस्था के अंतर्गत, चूँकि नेपाल स्टेट बैंक को रुपया अंतरण एजेंट को भुगतान करना होता है, इसलिए अन्य अंतरण के लिए शुल्क निम्नानुसार होंगे :-

    (i) भारतीय रुपए ५०००/- तक की राशि पर केवल भारतीय रुपए ५०/- लगेंगे जिसमें सेवा कर प्रति प्रेषण शामिल है.
    (ii) भारतीय रुपए ५०००/- से अधिक एवं भारतीय रुपए ५०,०००/- तक की राशि पर केवल भारतीय रुपए ७५/- लगेंगे जिसमें सेवा कर प्रति प्रेषण शामिल है.

प्रेषक से वसूल किए गए प्रभार की संपूर्ण राशि प्रेषण के एक हिस्से के रूप में नेपाल को भेजी जाएगी जो संदेश प्रारूप के एक हिस्से के रूप में होगी.

प्रश्न ७. प्रेषण की संख्या पर कोई नियंत्रण है ?
उत्तर : हाँ, इस योजना के अंतर्गत कोई प्रेषक एक वर्ष में अधिकतम १२ बार धन-प्रेषण कर सकता है.

प्रश्न ८. प्रेषक ग्राहक नेपाल स्टेट बैंक की शाखाओं एवं रुपया अंतरण एजेंसी के कार्यालय के बारे में कैसे जान सकता है ?
उत्तर : नेपाल स्टेट बैंक एवं रुपया अंतरण एजेंसी के पते और उनकी अवस्थिति की जानकारी प्रक्रियात्मक दिशानिदेशों में उपलब्ध हैं जो कि भारत में एनईएफटी शाखाओं में उपलब्ध होंगे.

प्रश्न ९. यदि प्रेषक का धन-प्रेषण हिताधिकारी को प्राप्त नहीं होता है तो वह निधि प्रेषक को वापस कैसे मिलेगी ?
उत्तर : प्रेषण की राशि एनईएफटी के द्वारा मूल शाखा में जाएगी और बैंक, प्रेषण की वापसी के बारे में प्रेषक को सूचित करेगा. उसे प्रेषण के प्रमाण के रूप में कुछ साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा जैसे कि प्रेषण आवेदन पत्र का अधपन्ना, और नकद प्रेषण के मामले में उसे प्राप्त करना होगा. यदि खाते में नामे करने के द्वारा वह प्रेषण किया गया हो तो जमा का प्रवाह संबंधित खाते में होगा.

प्रश्न १०. शिकायत के निवारण के लिए किससे संपर्क करना होगा ?
उत्तर : शिकायत निवारण प्रक्रिया के वर्तमान मानदंडों के अनुसार, संबंधित बैंकों द्वारा शिकायत और निवारण किया जाएगा. इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी शिकायत निवारण के लिए एनसीसी, नरिमन प्वाइंट, मुंबई में एक डेस्क की स्थापना की है. भारत में बैंकों से संबंधित शिकायतों के लिए डाक द्वारा निम्नलिखित को संबोधित किया जा सकता है :-

    महा प्रबंधक
    भारतीय रिजर्व बैंक
    राष्ट्रीय समाशोधन कक्ष
    प्रथम तल, फ्री प्रेस हाउस
    नरिमन प्वाइंट,
    मुंबई - ४०० ०२७