एटीएम के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र 1 ऑटोमेटेड टेलर मशीन (ए.टी.एम.)क्या है?

 

उत्तर. 1. ऑटोमेटेड टेलर मशीन एक कम्प्यूटरीकृत मशीन है जो ग्राहक को शाखा में जाए बगैर नकदी आहरण/जमा करने तथा अन्‍य वित्‍तीय लेन-देन सम्‍पन्‍न करने की सुविधा प्रदान करती है.

 

प्र 2 ए.टी.एम. में किस तरह के कार्डउपयोग में लाए जा सकते हैं?

 

उत्तर. 2. ए.टी.एम. में विभिन्‍न प्रकार के लेन-देन हेतु ए.टी.एम. कार्ड / डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड ( जिसमें नकदी आहरण की सुविधा उपलब्ध हो) उपयोग में लाए जा सकते हैं.

 

प्र 3 ए.टी.एम. में कौन-कौन सी सेवाएं / सुविधाएं उपलब्‍ध होती हैं?

 

उत्तर. 3. नकद आहरण के अलावा, आपके ए.टी.एम. से विभिन्न सेवाएं/सुविधाएं प्राप्त हो सकती हैं, जैसे:-

नकदी आहरण

नकद / चेक जमा

बकाया राशि की जानकारी

लघु विवरण

निधि अंतरण

प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज

पोस्टपेड मोबाइल भुगतान

वीज़ा द्वारा सत्यापित लेनदेन

हर एक बैंक द्वारा दी जाने वाली सेवाएं भिन्न हो सकती हैं, अथवा मशीन की क्षमता पर भी ये सेवाएं निर्भर हो सकती हैं.

 

प्रश्न 4. ए.टी.एम. लेनदेन किस प्रकार किया जाता है?

 

उत्तर. 4. ए.टीएम. पर लेनदेन के लिए, ग्राहक को अपना .टी.एम. कार्ड मशीन में डालना (स्वाईप करना) है तथा अपनी व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन) एंटर करनी है.

 

प्रश्न 5. क्या इन कार्डों का उपयोग देश में किसी भी बैंक के ए.टी.एम. में किया जा सकता है?

 

उत्तर. 5. जी हाँ. भारतीय बैंकों द्वारा जारी किए गए कार्ड आम तौर पर भारत में किसी भी बैंक के ए.टी.एम. में उपयोग किए जाने के लिए सक्षम हैं. तथापि,बैंकों द्वारा जारी स्वामित्वकार्ड दूसरे बैंक के ए.टी.एम. पर काम नहीं करेंगे.

 

Q.6. व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन) क्या है?

 

उत्तर: 6. ए.टी.एम. में उपयोग में लाए जाने के लिए पिन एक सांख्यिक पासवर्ड है. बैंक द्वारा कार्ड जारी करते समय पिन ग्राहक को अलग से सौंप दिया जाता है/ भेज दिया जाता है. पहली बार इस्तेमाल करते समय इस पिन को बदला जाना चाहिए तथा ग्राहक द्वारा एक नया पिन निर्धारित किया जाना चाहिए. पिन नंबर कार्ड पर या कार्ड के कवर आदि पर नहीं लिखा जाना चाहिए, क्योंकि कार्ड के खो जाने पर या चोरी हो जाने पर, इसका दुरुपयोग हो सकता है.

प्रश्न: 7. यदि कोई अपना पिन भूल जाता है या ए.टी.. मशीन द्वारा कार्ड अंदर खींच लिया जाता है तो क्या करना चाहिए?

 

उत्तर. 7. ग्राहक कार्ड जारी करने वाली बैंकशाखा से संपर्क करें और कार्ड को निकालने / नया कार्ड जारी करने के लिए आवेदन कर सकते हैं. यदि दूसरे बैंक की ए.टी.एम.मशीन ने कार्ड अंदर खींच लिया हो, तो यही प्रक्रिया अपनाई जाए.

 

प्र 8. यदि कार्ड खो जाए / चोरी हो जाए तो क्या किया जाना चाहिए?

 

उत्तर. 8. कार्ड चोरी हो जाने या खो जाने पर ग्राहक को तुरंत कार्ड जारी करने वाले बैंक से संपर्क करना चाहिए, ताकि बैंक कार्ड को ब्लॉक कर सके.

 

प्रश्न: 9. क्या नकदी आहरण के लिए प्रतिदिन कोई न्यूनतम और अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है?

 

उत्तर. 9. जी हां, बैंकों ने ग्राहकों के लिए नकदी आहरण की सीमा निर्धारित की है. देना बैंक के ग्राहकों के लिए देना बैंक के ए.टी.एम. से नकदी आहरण की सीमा रु. 20,000 /-प्रतिदिन है. तथापि,अंतरराष्ट्रीय गोल्ड डेबिट कार्ड धारक ग्राहक रु. 50,000/- तक आहरण कर सकते हैं. यह सीमा संबंधित ए.टी.एम. स्थानों परप्रदर्शित की गई है.

 

अन्य बैंक के ए.टी.एम. से नकदी आहरण के लिए, बैंकों ने रु. 10,000/-प्रति लेन-देन की सीमा रखने का फैसला किया है. यह जानकारी ए.टी.एम. स्थान पर भी प्रदर्शित की गई है.

 

प्र 10. क्या बैंक अन्य बैंक के ए.टी.एम. के उपयोग के लिए कोई सेवा शुल्क प्रभारित करते हैं?

 

उत्तर.10. बचत बैंक ग्राहक द्वारा अन्य बैंकों के ए.टी.एम. से नकदी आहरण तथा शेष राशि की जानकारी के लिए प्रति माह 5 लेन-देन तक कोई शुल्क नहीं दिया जाना है (दिनांक 15/10/2009 से प्रभावी). इस अधिकतम संख्या के बाद किये जाने वाले लेन देन के लिए, बैंक अधिकतम रुपये 20 /- प्रति लेनदेन प्रभारित करते हैं.

 

प्रश्न:11. नकदी आहरण प्रक्रिया के दौरान यदि नकदी वितरित नहीं हुई हो, लेकिन खाते में राशि नामे लिखि जाती है, तो ऐसे मामले में क्या किया जाना चाहिए ?

 

उत्‍तर.11. ग्राहक कार्ड जारी करने वाले बैंक के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यदि अन्य बैंकों के ए.टी.एम. पर लेन देन किया गया हो, तब भी यह प्रक्रिया लागू होगी.

 

Q.12. इस तरह से गलत नामे डाली गई राशि को ग्राहक के खाते में वापस जमा करने के लिए बैंकों को अधिकतम कितने दिन लगते हैं?

उत्‍तर.12. भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुसार, बैंक को शिकायत की तारीख से अधिकतम 7 दिनोंके भीतर इस तरह गलत नामे लिखी गई रकम को पुनः खाते में जमा करना है.

 

प्रश्न 13. क्या ग्राह 7 कार्य दिनों से अधिक विलंब के लिए मुआवजे के लिए पात्र हैं?

 

उत्‍तर .13. जी हाँ. 17 जुलाई, 2009 से,  बैंक को शिकायत की तारीख से 7 दिनों से अधिक विलंब के लिए ग्राहक को 100/-रुपये प्रति दिन के हिसाब से भुगतान करना है, 

 

Q.14. यदि निदेशों के अनुसार निर्धारित मुआवजा राशि ग्राहक के खाते में जमा नहीं की जाती है तो शिकायत निवारण हेतु ग्राहक को क्‍या करना चाहिए?

 

उत्तर. 14.   यदि बैंक कोई जवाब नहीं देता है तो इस तरह की शिकायतों के निवारण के लिए ग्राहक स्थानीय बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करा सकता है.