एकीकरण


आज बैंक ऑफ़ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक अपने समृद्ध अतीत और विरासत के साथ शक्तिशाली भविष्य के लिये एक हो गये. 120 मिलीयन से भी अधिक प्रसन्न ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते उनके अनुभवों के परिवर्तन का प्रमाण है जो कि समामेलन के बाद होने वाला है. इनके ग्राहक व्यवसाय वृद्धि पर ध्यान केन्द्रित करना जारी रखेंगे और इस अवसर का उपयोग अपने कर्मचारियों, साझेदारों एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण हितधारकों के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ बैंकों में से एक बनाने के लिए करेंगे.

 

3 की शक्ति


बैंक ऑफ़ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक की 80-110 वर्षों की विरासत के साथ बड़े पैमाने पर देश की सेवा करने वाले संस्थान हैं. तीनों बैंकों के संयुक्त तालमेल का उद्देश्य उनके ग्राहकों के साथ उत्पादों एवं सेवाओं की व्यापकश्रृंखला, शाखाओं के विस्तारित नेटवर्क, एटीएम एवं एक अलग बैंकिंग अनुभव प्रदान करते हुए संबंधों को मजबूत करना है. इस तालमेल में एक समकालीन बैंकिंग इकाई बनाने का लक्ष्य है जो दिल से पूरी तरह भारतीय और विश्वस्तरीय हो.

 

समामेलन की यह प्रक्रिया प्रत्येक बैंक के विशिष्ट कौशल का लाभ उठाने के लिये सचेष्ट है और यह इनके श्रेष्ठ लाभों को आत्मसात करेगी. इस मेगा इकाई में मजबूत प्रक्रियाओं से युक्त विश्व स्तरीय उत्पादों के साथ ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता है.

 

3 की शक्ति इस अभियान के लिये एक विचार बन गया है जो कि गतिशील समामेलन के उद्देश्य से सहजता से आ रहा है. इनकी गठबंधन एक आव्हान वाक्य बन गया “अब साथ हैं तीन, बेहतर से बेहतरीन” जो इस बात से प्रेरित है कि संपूर्ण हमेशा अपने हिस्सों के योग से बड़ा ही होता है. जब 3 बड़ी संस्थाएं एक साथ होंगी तो चीजें बेहतर से बेहतरीन हो जाएंगी.

अमलगमेशन के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

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