देना नया उपभोक्ता ऋण


 

प्रयोजन
टी वी, फ्रिज, वीसीआर, वाशिंग मशीन, पीसी, फर्नीचर , म्यूजिक सिस्टम ,  किंग रेज इत्यादि की खरीद हेतु तथा ऐसे सभी उत्पादों की खरीद हेतु जिनका यहाँ विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया गया है।

कौन पात्र है ?
पर्याप्त चुकौती क्षमता वाला कोई भी उधारकर्ता । पात्रता के  प्रयोजन हेतु  वेतन से की जाने वाली कटौतियों के बाद जीवन-साथी की परिलब्धियों को भी जोड़ा  जा सकता है।

पात्रता

प्रस्तावित
ऋण किश्त काटने के बाद घर आने वाला वेतन सकल परिलब्धियों के ६० से कम नहीं होना चाहिए। पात्रता के प्रयोजन हेतु वेतन से की जानेवाली कटौतियों के बाद जीवन-साथी की परिलब्धियों को भी जोड़ा जा सकता है।

सीमाएं
रु २५,००० : प्रति वर्ष रु ६०,००० से अधिक और ७५,००० तक की सकल आय वाले उधारकर्ताओं के लिए ।
रु ५०,००० : प्रति वर्ष रु. ७५,००० से अधिक की सकल आय वाले उधारकर्ताओं के लिए ।
रु १००,०००: सकल आय प्रति वर्ष रु १.५० लाख से अधिक की सकल आय वाले उधारकर्ताओं के लिए ।

ऐसे विशेष मामलों में जहाँ उधारकर्ताओं जैसे किसानों,व्यापारियों इत्यादि के पास आय के समुचित प्रमाण नहीं होते या अन्य योग्य मामलों में योग्यता मानक में छूट आवश्यक होने की स्थिति में ऐसी छूट दी जा सकती है। ऋण की राशि आवेदक की अनुमानित मासिक निवल आय के दस गुने से अधिक नहीं हो सकती।

ऋण का स्वरूप : सावधि ऋण

मार्जिन :लागत मूल्य का न्यूनतम २० %

ब्याज दर :
होने वाली अद्यतन ब्याज दर जानने के लिए कृपया ब्याज दर खण्ड को देखें.

ऋण ३ वर्ष से अधिक की अवधि हेतु होने पर ०.२५ का अवधि प्रीमियम (अर्थात २५ आधार बिंदु) बीपीएलआर में जोड़ दिया जाना चाहिए।

अपफ्रंट शुल्क /प्रोसेस शुल्क 
रु २५,००० तक : रु २५०/

रु २५,००० से अधिक : रु ५००

प्रतिभूति :ऋण के माध्यम से खरीदे गए वाह्नों का दृष्टिबंधन ।

चुकौती :३६ समान मासिक किश्तें । पह्ली किश्त का आरंभ ऋण संवितरण के बाद वाले महीने से होगा ।

जुर्माना स्वरूप ब्याज :चूक की अवधि हेतु चूक वाली रकम का २ % ।

संवितरण पद्धति : ऋण का संवितरण सीधे प्राधिकृत विक्रेता को किया जाएगा ।

अन्य शर्ते और निबंधन :
क.उधारकर्ता के खर्च पर दंगें सहित सभी जोखिमों को सुरक्षित करने वाली व्यापक बीमा पालिसी तथा बैंक के खण्ड का समावेश।
ख.आवेदक द्वारा उसके नियोक्ता से वसूली हेतु प्राप्त किया जानेवाला एक ऐसा वचनपत्र जिसमें उसके वेतन से ऋण की किश्तें  /ब्याज के नियमित भुगतान किए जाने और उसे बैंक को प्रेषण सुनिश्चित किए जाने की व्यवस्था हो ।
जहाँ परंपरानुसार (सरकारी विभागों जैसे)नियोक्ता अपने कर्मचारियों के पक्ष में इस प्रकार का वचनपत्र  नहीं देते , वहां बैंक को यह् विवेकाधिकार होगा कि वह् मामलें के गुण-दोष के आधार पर इस प्रकार के वचनपत्र की आवश्यकता से छूट प्रदान करे और यह् सुनिश्चित करे कि आवेदक के पास प्रस्तावित  ऋण की अवधि के दौरान ह्मारे ऋण की किश्तों और ब्याज की चुकौती करने हेतु नियमित एवं पर्याप्त आय का स्रोत  मौजूद होगा। ऐसे सभी मामलों में ऋण की संपूर्ण अवधि हेतु  उधारकर्ता द्वारा ह्स्ताक्षरित उत्तर दिनांकित चेक उधारकर्ता से इस आशय के अपरिवर्तनीय वचनपत्र के साथ कि ऋण की अवधि के दौरान उधारकर्ता अपने अधिदेश को बदलेगा नहीं ,ऋण की किश्तों और ब्याज के रूप में एक बार में ही अग्रिम रुप से प्राप्त कर लिए जाएंगे।