अन्य सुविधाएँ

प्रवासी विदेशी मुद्रा खाते (वापस आ रहे भारतीयों को सुविधाएँ):

वापस आ रहे भारतीय भी हमारी जमा योजनाओं से लाभान्वित हो सकते हैं. वे एनआरई / एफ्ऎसीएनआर खाते में पड़ी शेष राशि को अंतरित करने के लिए एक प्रवासी विदेशी मुद्रा खाता (आरएफ्ऎसी) खोल सकते हैं और उसे रख सकते हैं. वापसी के समय, भारत से बाहर रखी हुई आस्तियों की राशि आरएफ्ऎसी खाते में जमा की जा सकती है. विदेशी मुद्रा के उपयोग के संबंध में आरएफ्ऎसी खाते में रखी निधियाँ भारत से बाहर किसी भी रूप में निवेश करने संबंधी प्रतिबंधों सहित सभी प्रतिबंधों से मुक्त होती हैं.

    मुख्य विशेषताएँ :

    • सात मुद्राओं अर्थात् अमेरिकी डॉलर, स्टर्लिंग पाउण्ड, यूरो, सीएडी, एयूडी, एसजीडी एवं एचकेडी में परिचालित
    • बचत, चालू, सावधि जमाओं के रूप में परिचालित

    ब्याज दर :

    • सावधि जमाएँ : जैसा कि एफ्ऎसीएनआर (बी) जमा योजना पर लागू है
    • बचत :यूएसडी, जीबीपी और यूरो में जमा राशियों के लिए ०.५ प्रति वर्ष
    • चालू : शून्य

वापस आ रहे भारतीय विदेशी मुद्रा, विदेशी प्रतिभूति अथवा भारत के बाहर अवस्थित किसी भी अचल संपत्ति को रख, अपना, स्थानांतरित अथवा निवेश करना जारी रख सकते हैं, यदि ये मुद्रा, प्रतिभूति अथवा संपत्ति भारत के बाहर के प्रवासी होने के समयं अधिगृहीत, रख अथवा अपना ली गई हो.

प्रत्यावर्तन आधार पर निवेश :

  • पोर्टफ्ऎोलियो निवेश के अंतर्गत शेयर और रूपांतर योग्य डिबेंचर
  • सरकारी दिनांकित प्रतिभूति (धारक प्रतिभूति के अलावा) अथवा ख़जाना बिल
  • घरेलू म्युचुअल निधियों के यूनिट
  • भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा जारी बॉण्ड्स
  • भारत सरकार द्वारा विनिवेश किएजा रहे सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में शेयर

अप्रत्यावर्तन आधार पर निवेश :

  • भारत में मनी मार्केट म्युचुअल निधियों के यूनिट
  • सेबी द्वारा अनुमोदित विनिमय कारोबारी व्युत्पन्न करार (ईटीडीसी)

अचल संपत्ति में निवेश

  • आवक धन-प्रेषण अथवा एनआरई खातों में रखी निधियों से भारत में प्राप्त निधियों से कृषि / वृक्षारोपण / फर्म हाउस को छोडकर भारत में किसी भी अचल संपत्ति का अधिग्रहण किया जा सकता है.
  • कृषि / वृक्षारोपण संपत्ति अथवा फ्ऎार्म हाउस को छोडकर अन्य किसी भी संपत्ति की विक्रय राशि का प्रत्यावर्तन किया जा सकता है बशर्ते कि विदेशी मुद्रा में अचल संपत्ति के अधिग्रहण के लिए भुगतान की गई राशि से वह अधिक न हो. आवासीय संपत्ति के मामले में, विक्रय राशि का प्रत्यावर्तन ऐसी दो संपत्तियों से अधिक नहीं होने पर नियंत्रित है.
  • अप्रवासी भारतीय / भारतीय मूल के व्यक्ति अचल संपत्ति की विक्रय राशि सहित एनआरओ खाते में शेष राशि को भेज सकते हैं बशर्ते कि वह राशि १ मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति वित्तीय वर्ष से अधिक न हो.