ऋण और ओवरड्राफ्ट
  • भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिदेशों के अनुसार उच्चतम सीमा की शर्त पर भारत में निवेश के उद्देश्य के अलावा, एनआरई / एफसीएनआर / एनआरओ के विरुद्ध जमा राशि के ८५ से ९० तक ऋण / ओवरड्राफ्ट का उपयोग किया जा सकता है.पुन: उधार देने, कृषि / वृक्षारोपण गतिविधियाँ चलाने अथवा जमीन-जायदाद के कारोबार में निवेश के उद्देश्य के लिए ऋण का उपयोग नहीं किया जा सकता है. तथापि, एनआरई सावधि जमा के विरुद्ध ऋण का उपयोग भारत में अप्रत्यावर्तन आधार पर कुछ निश्चित विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में निवेश के लिए तथा निर्धारित शर्तों के अधीन फ्लैटों / आवासों के अधिग्रहण के लिए किया जा सकता है.
  • उपरोक्तानुसार उपयोग किया गया ऋण प्रत्यावर्तित नहीं किया जा सकता और ऐसे में इसे एनआरई २ एफसीएनआर खातों में जमा नहीं किया जा सकता. चाहें तो ऋण की राशि अप्रवासी साधारण खाते (एनआरओ) में जमा की जा सकती है.
  • ऋण की चुकौती और उस पर उपचित ब्याज का भुगतान या तो विदेश से नए धन-प्रेषण के माध्यम से या फिर ऋणकर्ता की एनआरई / एफसीएनआर सावधि जमाराशि की परिपक्वता वाली राशि से जिसके विरुद्ध ऋण दिया गया था.या फिर एनआरओ खाते में रखी निधियों से किया जाएगा. स्थानीय रुपया संसाधनों से चुकौती किए जाने पर ब्याज वाणिज्यिक दर पर होगा.
  • हमारे द्वारा जारी एनआरई / एफसीएनआर रसीद के विरुद्ध विदेश में हमारे सहयोगी बैंकों से ऋण का उपयोग किया जा सकता है.
  • भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति की शर्त पर एनआरई / एफसीएनआर जमाराशि की प्रतिभूति के विरुद्ध प्रवासियों को ऋण स्वीकृत किया जा सकता है.
  • ऋण की उच्चतम सीमा भारतीय रिजर्व बैक के दिशानिदेशों के अनुसार