ब्याज दरें

एफसीएनआर (बी)

    • भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान दिशानिदेशों के अनुसार, सभी परिपक्वताओं की एफसीएनआर जमाराशियों के संबंध में ब्याज दरें एलआईबीओआर / एसडब्ल्यूएपी दरों के आधार पर निश्चित कर दी गई हैं. इन दरों को हमारी वेबसाइट पर देखा जा सकता है अथवा आप हमारे एनआरआई कक्ष अथवा आपके स्थल के सबसे नजदीक की हमारी शाखा से संपर्क कर सकते हैं.

एफसीएनआर सावधि जमा : वर्तमान  दरों को देखने के लिए यहाँ क्लिक करें.

एनआरई

  • सावधि जमा : भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान दिशादिनेशों के अनुसार एक से तीन वर्षों की परिपक्वता वाली एनआरई जमाराशि के संबंध में ब्याज दरें एलआईबीओआर / एसडब्ल्यूएपी दरों के आधार पर निश्चित कर दी गई हैं. इन दरों को हमारी वेबसाइट पर देखा जा सकता है अथवा आप हमारे एनआरआई कक्ष अथवा आपके स्थल के सबसे नजदीक की हमारी शाखा से संपर्क कर सकते हैं.
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  • चालू : शून्य

एनआरई सावधि जमा :  वर्तमान  दरों को देखने के लिए यहाँ क्लिक करें.

एनआरओ

  • घरेलू जमा खातों पर यथाप्रयोज्य.
  • एनआरआई सावधि जमाओं की परिपक्वतापूर्व खाताबंदी

    एफसीएनआर (बी) 

  • यदि एक वर्ष से पूर्व खाता बंद किया जाता है तो कोई ब्याज देय नहीं होगा.
  • अन्य मामलों में, जमाराशियों की तारीख अथवा खाताबंदी की तारीख को, बीती हुई अवधि के लिए लागू, जो भी कम हो, में से १ घटाकर ब्याज देय होगा. तथापि, जमा की शेष अवधि से अधिक की अवधि हेतु, ब्याज दर में वृद्धि का लाभ उठाने के उद्देश्य से नवीकरण के लिए उसी योजना व उसी मुद्रा में यदि परिपक्वता से पूर्व खाता बंद किया जाता है तो किसी भी दांडिक ब्याज का प्रभार नहीं लगाया जाएगा.
      • एनआरई

          • यदि एक वर्ष से पूर्व खाता बंद किया जाता है तो कोई ब्याज देय नहीं होगा.
          • अन्य मामलों में, जमाराशियों की तारीख अथवा खाताबंदी की तारीख को, बीती हुई अवधि के लिए लागू, जो भी कम हो, ब्याज देय होगा. किसी भी मामले में, ऐसी जमा राशियों पर अनुबंधित दर से अधिक ब्याज देय नहीं होगा.

        ब्याज का भुगतान

        • एफसीएनआर जमाओं पर विदेशी मुद्रा में एवं एनआरई जमाओं पर भारतीय रुपयों में ब्याज के भुगतान की अनुमति है. एफसीएनआर जमाराशियों पर ब्याज का भुगतान जमाराशियों की मुद्रा में होगा. आवश्यकता पड़ने पर, एनआरई / एफसीएनआर पर अन्य मुद्राओं में ब्याज के रुपांतरण की अनुमति प्रचलित विनिमय दर पर दी जाएगी.
        • एनआरई जमाराशियों पर, ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर एवं एफ्ऎसीएनआर जमाओं पर छमाही आधार पर किया जाता है. विशेष अनुरोध पर १२ या अधिक महीनों के लिए ब्याज का भुगतान मासिक अथवा बट्टा दर पर किया जा सकता है.

        खाते में नामों को जोड़ना / हटाना

        • खाते में नामों को जोड़ने की अनुमति है बशर्ते अन्यथा रूप में संयुक्त एनआरई अथवा एफसीएनआर खाते खोलने हेतु उनकी पात्रता होती हो और जमाराशि की अन्य शर्तों में कोई परिवर्तन नहीं किया जाता है, जैसाकि मूल रूप में निर्धारित किया गया है.
        • नामों को हटाए जाने की अनुमति है बशर्ते कि सभी जमाकर्तागण लिखित में इसके लिए अपनी सहमति दें एवं जमाकर्ताओं में से कम से कम एक नाम जारी रहे.

        नवीकरण


        परिपक्वता तिथि को नवीकृत नहीं किए गए एनआरई / एफसीएनआर बाद में जमाराशि की परिपक्वता की तिथि से १४ दिनों के अंदर नवीकृत किए जा सकते हैं. नवीकृत एफसीएनआर / एनआरई लागू ब्याज दर परिपक्वता तिथि को लागू दर अथवा वास्तविक नवीकरण की तिथि को लागू दर, इनमें से जो भी कम हो, होगी.

        स्वत: नवीकरण सुविधा भी उपलब्ध है. खाता खोलते समय आवेदन पत्र में लिखित रूप से समुचित संकेत करते हुए इस सुविधा का उपयोग किया जा सकता है. नवीकरण की ऐसी सुविधा के अंतर्गत जमाराशि का नवीकरण उन्हीं मूल नियम व शर्तों के आधार पर किया जाएगा. ऐसे स्वत: नवीकरण पर नवीकृत अवधि के लिए ब्याज दर, जमाराशि की परिपक्वता तिथि को प्रचलित ब्याज दर के समान होगी.

        आवासीय स्थिति में परिवर्तन

        प्रवासी से अप्रवासी :वर्तमान खाता अप्रवासी (साधारण) खाता के रूप में नामित किया जाएगा.

        अप्रवासी से प्रवासी :

        • एनआरओ खाता प्रवासी रुपया खाते में पुर्ननामित किया जाएगा.
        • स्थिति में परिवर्तन होने के तुरंत बाद खाताधारी की इच्छा पर एनआरओ खाता प्रवासी रुपया खाते में पुर्ननामित किया जाएगा अथवा इन खातों में रखी निधियाँ आरएफसी खाते में अंतरित की जा सकती हैं (यदि खाताधारी इसके लिए पात्र हो).
        • यदि जमाकर्ता (ओं) ने इच्छा प्रकट की है तो एफ्ऎसीएनआर (बी) जमाराशि संविदाकृत दर पर परिपक्वता तक जारी रहेगी. तथापि ये जमाराशियाँ खाताधारी के भारत लौटने की तारीख से प्रवासी जमाराशि के रूप में मानी जाएंगी. खाताधारी की इच्छा पर यह परिपक्व हो जाने के समय प्रवासी रुपया जमा खाता अथवा आरएफसी खाता (यदि जमाकर्ता आरएफसी खाता खोलने हेतु पात्र है) के रूप में रुपांतरित हो जाएंगी और नई जमाराशि पर ब्याज का भुगतान ऐसी जमाओं पर लागू समुचित दरों पर देय होगा.

        मुख्तारनामा धारक द्वारा परिचालन

        अप्रवासी खाताधारी द्वारा किसी प्रवासी के पक्ष में प्रदत्त मुख्तारनामे की शर्तों के अनुसार एनआरई खाते में परिचालन की अनुमति दी जाएगी बशर्ते कि ऐसे परिचालन सामान्य बैंकिंग चैनल के माध्यम से स्थानीय भुगतानों हेतु आहरण अथवा स्वयं खाताधारी को प्रेषित करने तक सीमित हों. जहाँ खाताधारी अथवा उसके द्वारा नामित बैंक भारत में निवेश करने के लिए पात्र हो, वहाँ मुख्तारनामा धारक को ऐसे निवेश की सुविधा देने हेतु खाते का परिचालन करने की अनुमति दी जा सकती है. तथापि, किसी भी परिस्थिति में प्रवासी मुख्तारनामा धारक को खाते की निधि को स्वयं के खाते में प्रत्यावर्तित करने को छोडकर  भारत से बाहर प्रत्यावर्तित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, न ही उन्हें खाताधारी की ओर से किसी प्रवासी को उपहार देने के माध्यम से भुगतान करने अथवा खाते से निधि को अन्य एनआरई खाते में अंतरित करने की अनुमति दी जाएगी.

        एफसीएनआर खाते के मामले में, वही नियम व शर्तें लागू होंगी जो एनआरई खाते पर लागू हैं.

        अप्रवासी खाताधारी द्वारा किसी प्रवासी के पक्ष में प्रदत्त मुख्तारनामे की शर्तों के अनुसार एनआरओ खाते में परिचालन की अनुमति दी जाएगी बशर्ते कि ऐसे परिचालन (१) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्मित उपयुक्त विनियमों के अनुपालन की शर्त पर पात्र निवेशों हेतु भुगतान सहित रुपयों में सभी स्थानीय भुगतान; तथा (२) अप्रवासी व्यक्तिगत खाताधारी के भारत में वर्तमान आय, लागू करों के निवल, को भारत से बाहर भेजने तक सीमित रहेंगे.

        प्रवासी मुख्तारनामा धारक प्रवासी मुख्तारनामा धारक को न तो खाते की निधि को स्वयं के खाते में प्रत्यावर्तित करने को छोडकर  भारत से बाहर प्रत्यावर्तित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, न ही उन्हें खाताधारी की ओर से किसी प्रवासी को उपहार देने के माध्यम से भुगतान करने अथवा खाते से निधि को अन्य एनआरओ खाते में अंतरित करने की अनुमति दी जाएगी.

        फारवर्ड
        सुरक्षा
        एक अप्रवासी भारतीय / भारतीय मूल का व्यक्ति अधिकृत डीलर शाखा के माध्यम से एनआरई /एफसीएनआर (बी) खातों में मुद्रा के रुपए के रूप में शेष पड़ी रकम की सुरक्षा के लिए फारवर्ड संविदा में शामिल हो सकता है.

        अवकाश दिवसों में परिपक्व होनेवाली रकम हेतु

        शनिवार / रविवार अथवा गैर-कारोबार अवकाश दिवस को भुगतान के लिए परिपक्व होने वाली सावधि जमा राशि के संबंध में बैंक जमा राशि पर जमा राशि की विनिर्दिष्ट शर्त की समाप्ति की तिथि एवं जमा राशि के प्रतिफ्ऎल के भुगतान की तिथि के बीच आनेवाले शनिवार / रविवार अथवा गैर-कारोबार अवकाश दिवस के लिए परवर्ती कार्य दिवस को मूल संविदा दर पर ब्याज का भुगतान करेगा.

        मृतक जमाकर्ता की जमाराशि पर देय ब्याज

        निम्नलिखित नाम  में रखी सावधि जमा राशि के मामले में :-

          (क) एक मृतक व्यक्तिगत जमाकर्ता, अथवा
          (ख) दो या अधिक संयुक्त जमाकर्ता जिनमें से एक की मृत्यु हो गई है, तो ब्याज का भुगतान निम्नलिखित विधि से किया जाना चाहिए :

            (१) जमाराशि की परिपक्वता पर संविदाकृत दर से,

            (२) परिपक्वता तिथि से पूर्व की जा रही दावित जमाराशि के भुगतान के प्रसंग में जमाराशि के रखे जाने की तिथि को बैंक उस अवधि के लिए जब जमाराशि बिना दंड प्रभार के रखी हुई थी, प्रचलित लागू दर से ब्याज का भुगतान करेगा.

            (३) जमाराशि की परिपक्वता तिथि से पूर्व जमाकर्ता की मृत्यु हो जाने एवं परिपक्वता तिथि के बाद जमाराशि का दावा किए जाने पर बैंक परिपक्वता तिथि तक संविदाकृत दर से ब्याज का भुगतान करेगा. परिपक्वता तिथि से लेकर भुगतान तिथि तक बैंक को उस अवधि के लिए जब तक उक्त जमाराशि परिपक्वता तिथि के बाद की अवधि के लिए बैंक के पास रही, परिपक्वता तिथि के दिन लागू दर से साधारण ब्याज का भुगतान करना चाहिए.

            (४) आरएफ्ऎसी खाता योजना के तहत बचत खाते की जमाराशि के मामले में जमाराशि की परिपक्वता तिथि के बाद जमाकर्ता की मृत्यु हो जाने पर, बैंक को परिपक्वता तिथि के दिन लागू दर से परिपक्वता तिथि से लेकर भुगतान तिथि तक की अवधि हेतु ब्याज का भुगतान करना चाहिए.

            (५) यदि दावाकर्ता से प्राप्त अनुरोध पर बैंक सावधि जमाराशि को विभाजित करने एवं दो अथवा अधिक रसीदें दावाकर्ता /ओं के नाम  में अलग-अलग जारी करने पर सहमत होता है तो इसे दंड प्रभार लगाने के उद्देश्य से जमाराशि के परिपक्वतापूर्व आहरण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए बशर्ते जमा की अवधि और सकल राशि में कोई परिवर्तन नहीं होता हो.