आयात सेवाएँ

देश में आयात को सुविधाजनक बनाने के लिए आयातकर्ताओं को देना बैंक विभिन्न प्रकार की निधि आधारित एवं गैर-निधि आधारित सेवाएँ उपलब्ध कराता है. समस्त सुविधाएँ बैंक के प्रचलित नियमों एवं भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिदेशों की शर्तों के अधीन हैं. हमारी निधि आधारित सेवाओं में रुपया एवं विदेशी मुद्रा ऋण, बाहरी वाणिज्यिक उधार सुविधा इत्यादि तथा गैर-निधि आधारित सेवाओं में साख पत्र की स्थापना, आयातकर्ताओं की ओर से आयात बिलों का संग्रहण / भुगतान एवं विभिन्न गारंटियों का निर्गम शामिल हैं.

    साख पत्र

    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मालों की खरीदी के लिए देना बैंक साख पत्र की सुविधा देता है. साख पत्र की मदद से आयातकर्ता अपने आपूर्तिकर्ताओं में बेहतर विश्वास / आस्था का निर्माण और अन्य कारोबारी संबंध का विकास अधिक तेजी से कर सकते हैं.

    आयातकर्ताओं की आवश्यकताओं / साख क्षमता / वित्तीय स्थिति तथा अन्य मानदंडों का मूल्यांकन करने व उससे बैंक के संतुष्ट होने के बाद उन्हें साख सुविधा की स्वीकृति दी जा सकती है. साख पत्रों की शर्तों का मसौदा तैयार करने में हम आयातकर्ताओं की मदद करते हैं ताकि उनके हितों की रक्षा हो सके. बैंक की शाखाओं तथा संपर्ककर्ता बैंकों का विशाल नेटवर्क आपके उपक्रम को व्यापक प्लेटफार्म पर कारोबार के निर्बाध प्रवाह को कायम रखने में समर्थ बनाता है.

    आयात बिलों का संग्रहण

    आयात बिलों का संग्रहण हमारी अधिकृत शाखाओं के माध्यम से बहुत ही प्रतिस्पर्धी दरों पर किया जाता है. पूरे विश्व में प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय बैंकों के साथ हमारे बैंक का संपर्ककर्ता बैंकिंग संबंध है और विश्व के किसी भी हिस्से में आयात के भुगतान के लिए धन-प्रेषण को प्रभावित करता है.

    बैंक गारंटी

    आयातकर्ताओं / अन्य ग्राहकों की ओर से देना बैंक विदेशी हिताधिकारियों के पक्ष में गारंटियाँ जारी करता है. ये गारंटियाँ निष्पादन के लिए और वित्तीय - दोनों ही के लिए हो सकती हैं. इस उ ेश्य के लिए गारंटी के निर्गम की अनुमति दी जाती है जिसको विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) में परिभाषित किया गया है बशर्ते आपकी साख सीमाएँ अथवा नकद मार्जिन उपलब्ध हों.

    निधि आधारित सेवाएँ

    रुपया ऋण और विदेशी मुद्रा ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने के माध्यम से इच्छित मालों का आयात करने में हम आपकी मदद करते हैं. फेमा के अंतर्गत विनिर्दिष्ट अवधि के लिए आपके आयात हेतु हम क्रेता के ऋण को सुसाध्य बनाते हैं. उपलब्ध सुविधाओं के विस्तार / आधुनिकीकरण और / अथवा पूंजीगत मालों इत्यादि के आयात हेतु बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) के माध्यम से विदेशी मुद्रा निधियाँ बढ़ाने में भी हम अपने ग्राहकों की मदद करते हैं.