डेयरी उद्यमिता विकास योजना

डेरी उद्यमिता विकास योजना(डी. ई. डी. एस.)- पुनः खुली हुई नाबार्ड की योजना.

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक(नाबार्ड) ने उनके पत्र संख्या एनबी.डीओआर/ जीएसएस/ 3621/ डीईडीएस-1/ 2013-14 दिनांक 06.11.2013 द्वारा यह सूचित किया है कि भारत सरकार ने डेरी उद्यमिता विकास योजना (डी.ई.डी.एस.) के अंतर्गत वित्त वर्ष के लिए राज्यवार लक्ष्य प्राप्त किये जाने तक, फिर से नए आवेदनों को स्वीकार करने का निर्णय लिया है.
आगे, नाबार्ड ने बैंकों को सूचित किया है कि उपर्युक्त योजना के अंतर्गत बैंकों द्वारा स्वीकृत आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को अग्रेषित किये जाएं. दावे प्राप्त होने पर, योजना के दिशानिदेशों के अनुसार नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा प्रथम प्राप्त प्रथम वितरण आधार पर, राज्यवार लक्ष्य के अंतर्गत, उपदान जारी किया जाएगा, बशर्ते कि भारत सरकार की निधियां उपलब्ध हों.
नाबार्ड ने सूचित किया है कि डी.ई.डी.एस. योजना के अंतर्गत आस्तियों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने तथा डेरी क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता को बढाने के लिए महिला लाभार्थियों को  प्राथमिकता दी जाएगी.
इच्छुक उद्यमी डी.ई.डी.एस. योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए बैंक की निकटतम शाखा से संपर्क कर सकते हैं. कृपया ध्यान दें कि नाबार्ड ने यह स्पष्ट किया है कि 'प्रथम प्राप्त प्रथम वितरण' के आधार पर अनुदान का वितरण होगा, जो कि भारत सरकार से निधियों की उपलब्धता की शर्त के  अधीन है.