साख परामर्श केन्द्र - देना मित्र

साख परामर्श केंद्र स्थापित करने के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिदेशों के अनुसरण में हमारे बैंक ने दिनांक 08.08.2007 को गांधीनगर क्षेत्र में हिमतनगर (जिला साबरकांठा) में प्रथम ऋण परामर्श केंद्र स्थापित किया है. इस केंद्र को देना मित्र का नाम दिया गया है.

इन केंद्रों के माध्यम से बैंक किसानों को निःशुल्क सलाह देता है. परामर्श सेवाओं में  ऐसे व्यक्तियों को भी ऋण संबंधित सलाह दी जाती है जिन्होंने औपचारिक और अनौपचारिक दोंनों क्षेत्रों से ऋण लिए हैं.

ये केंद्र ग्राम सभा के माध्यम से वित्तीय शिक्षा / साक्षरता के उपाय करता है / प्रोत्साहित करता है और ग्राम पंचायतों की सहायता से सरकार / नाबार्ड / गैर - सरकारी संगठनों / कृषि विश्वविद्यालयों आदि द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करता है. बैंकों और सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं द्वारा प्रदत्त वित्तीय सहायता के विवरण से संबंधित सूचनाएं किसानों / ग्रामीणों को दी जाती है. जो किसान/ ग्रामीण इन केंद्रों में मुलाकात करते है उनको के.सी.सी, गुजरात ग्रीन रेवल्यूशन कंपनी की लघु सिंचाई योजना, बागबानी परियोजना की एन.एच.बी. योजना आदि की पात्रता के बारे में शिक्षित किया जाता है.

किसानों के अलावा भूमिहीन श्रमिक, लघु व्यापारी, कारीगर और लघु व्यावसायी भी सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए इन केंद्रों में आ रहे हैं.

इन केंद्रों द्वारा किए जा रहे क्रियाकलापों की झलक :

हिंमतनगर में क्षेत्रीय भाषा में विभिन्न विषयों पर नई पत्रिकाओं, पुस्तकों, पुस्तिकाओं के साथ एक लघु पुस्तकालय आरंभ किया गया है जोकि ग्रामीणों के लिए अपयोगी हैं. इसके अलावा यह बैंक के उत्पादों और सेवाओं के बारे में - विभिन्न पेंफ्लेंट, पर्चे और फोलडर भी उपलब्ध करता है और  इस विषय पर राज्य सरकार से प्राप्त सूचनाएं भी उपलब्ध करता है.

हिंमतनगर में पोलिटेक्निक कॉलेज में एक केम्प आयोजित किया गया जिसमें लगभग 110 छात्रों को बैंक की विभिन्न योजनाओं और वित्तीय समावेशन के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई.

प्रांतिज शाखा (साबरकांठा जिला) के दो किसान उधारकर्ताओं ने ऋण की रकम की चुकौती नहीं कर सकने पर आत्महत्या के नोट लिखे थे. हमारे अधिकारी और एल.डी.एम. ने उनसे संपर्क करके उनका मार्गदर्शन किया और अंततः खातों को नियमित बनाया और इस प्रकार से किसानों के जीवन की रक्षा की गई. इन केंद्रों में 1000 से भी अधिक किसान / ग्रामीण मुलाकात कर चुके हैं.

साख परामर्श केंद्र द्वारा किए गए क्रियाकलाप

    1. जनता को शिक्षित करना और उन्हें ऋण के जाल में फसने से रोकना.

    2. वित्तीय योजना के बारे में जनता को जानकारी देना.

    3. व्यक्तियों को निवेश, आस्ति आबंटन, जोखिम प्रबंघन और सेवानिवृत्ति योजना द्वारा उनके दीर्घ अवधि के लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता करना.

    4. बैंक में खाते खोलने के लिए मार्गदर्शन देना और जनता को बचत करने के लिए प्रेरित करना.

    5. उधारकर्ता और संबंधित बैंक के बीच व्यावहारिक कार्यपरक, परामर्शदाता तदर्थ मध्यस्थ सेवा प्रदान करना.

    6. चालू वित्तीय समस्याओं के निपटान के लिए जनता को शिक्षित करना.

    7. ऋण के दुरुपयोग के कारण होनेवाली हानि के बारे में अवगत कराना, क्योंकि इससे वित्तीय प्रबंध में सुधार होता है और आवश्यक व्यय करने की क्षमता बढती है..

    8. बैंकिंग जैसी संगठित वित्तीय प्रणाली का लाभ लेने के लिए गरीब जनता को सलाह देना.

    9. उधारकर्ताओं को उनकी आय और नकदी प्रवाह के आधार पर ऋण की मात्रा के बारे में उनको निर्णय लेने में मदद करना.

    10. किसी दुर्घटना के बाद उधारकर्ता द्वारा एक या अनेक किश्तों की चुकौती में चूक किए जाने पर, उधारकर्ता को सलाह देना, ताकि ऋण की चुकौती में चूक न हो और ऋण खाता समय से पहले बंद न करना पडे. ग्रामीण उधारी के बारे में तकनीकी र्मादर्शन देना.

    11. ग्रामीण / नगरीय जनता को बैंक के ऋण को समय पर चुकाने के लाभ के बारे में शिक्षित करना और जनता को बैंक में खाता खोलने के लाभ के बारे में अर्थात् वित्तीय समावेशन के बारे में मार्गदर्शन देना.

    12. विभिन्न सरकारी विभागों के साथ उनसे संबंधित समस्याओं के निपटान के लिए समन्वय स्थापित करना.

    13. कृषि एवं लघु और सूक्ष्म सेवा उद्यमों में आधुनिक तकनीक के प्रयोग के लिए तथा क्षमताओं में वृद्धि के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय से ग्रामीण जनता के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने में सहायता देना.

    14. ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों की बेहतर बिक्री के लिए बाजार के साथ संबंध स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन देना.

    15. डेबिट और क्रेडिट कार्ड के उचित प्रयोग और जोखिम के बारे में जनता को शिक्षित करना ताकि बेकार खर्चों को रोक सकें.