अल्पसंख्यक समुदायों को ऋण सुविधाएँ - १२१ अल्पसंख्यक प्रधान जिले



१. भारत सरकार, कल्याण मंत्रालय ने सिखों, मुस्लिमों, ईसाइयों, जोरैस्ट्रियनों और बौद्धों को अल्पसंख्यक समुदायों के रूप में अधिसूचित किया है.

२. बैंकों को यह सुनिश्चित करने का अनुदेश दिया गया है कि अल्पसंख्यक समुदाय प्राथमिकता क्षेत्र उधार के लिए समग्र लक्ष्य और कमजोर वर्गों के लिए १० प्रतिशत के उप लक्ष्य के अंदर ऋण का समान हिस्सा पाते हैं.

३. भारत सरकार ने सूचित किया है कि उन राज्यों को छाे़डकर जहाँ अल्पसंख्यक लोग बहुसंख्यक हैं (जम्मू कश्मीर, पंजाब, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड तथा लक्षद्वीप), १२१ अल्पसंख्यक प्रधान जिलों में जहाँ कम से कम २५ अल्पसंख्यकों की आबादी है वहाँ ऋण प्रवाह की निगरानी की जानी चाहिए.

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अल्पसंख्यकों को ऋण प्रवाह में वृद्धि

भारत सरकार ने वर्ष २००९-१० के अंत तक अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता क्षेत्र के तहत उधार देने में १५ की वृद्धि करने का पुन: निदेश दिया है. तदनुसार, देना बैंक, बैंक के मानदंडों के अनुसार विभिन्न आय स्रोतों के सृजन के उ ेश्य से बैंक की विविध योजनाओं अर्थात् देना किसान क्रेडिट कार्ड योजना, देना किसान गोल्ड क्रेडिट कार्ड योजना, देना जेनरल क्रेडिट कार्ड योजना, देना शिल्पी क्रेडिट कार्ड योजना, देना लघु उद्यमी क्रेडिट कार्ड इत्यादि के माध्यम से प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत जिसमें कृषि एसएमई, आवासीय, शिक्षा, स्वयं सहायता समूह शामिल हैं, अल्पसंख्यक समुदायों को ऋण की सुविधा देता है.

सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न कार्यक्रमों यानी स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार रोजगार योजना (एसजीएसवाई), प्रधान मंत्री रोजगार योजना (पीएमआरवाई), स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना (एसजेएसआरवाई), सफ्ऎाई कर्मचारी मुक्ति व पुनर्वास योजना इत्यादि जहाँ उपदान उपलब्ध हैं, के तहत भी ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है