निर्यातकों के लिए गोल्ड कार्ड योजना

उत्पाद की विशेषताएं

कौन पात्र हैं :

    १.अच्छा पिछला रिकार्ड और बैंक के मानदंडों के अनुसार की गई क्रेडिट रेटिंग के आधार पर ऋणपात्रता रखने वाले लघु एवं मझोले क्षेत्रों सहित सभी निर्यातक.
    २. खाता तीन वर्ष से निरंतर 'मानक' रहना चाहिए और उन्हें निर्यात ऋण गारंटी निगम या भारतीय रिजर्व बैंक की चेतावनी सूची में शामिल नहीं होना चाहिए.
    ३. हालांकि, पिछले तीन वर्षों से हानि उठाने वाली या वर्तमान वर्ष के पण्यावर्त के १० से अधिक के अतिदेय निर्यात बिल वाली निर्यात फर्में गोल्ड कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं.

सीमाएं

    १. निर्यातक की ऋण आवश्यकताओं के आधार पर पोतलदान-पूर्व /पोतलदानोत्तर, दोनों ही के लिए उपयुक्त सीमाएं खाते की वार्षिक समीक्षा की शर्त पर तीन वर्ष की अवधि हेतु स्वीकृत की जाएंगी.
    २. एकाएक प्राप्त आदेशों के निष्पादन हेतु तात्कालिक ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आकलित सीमा की कम से कम २० की आपाती सीमा आतिरिक्त रूप से मंजूर की जाएगी. ३. अप्रत्याशित निर्यात आदेशों के मामले में उनके आकार और स्वरूप को ध्यान में रखते हुए स्टाक मानदंडों में छूट दी जा सकती है.

ब्याज दर :
ब्याज भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिदेशों के अनुसार लगाया जाता है.

प्रभारों में रियायत :

    *कार्डधारकों को कमीशन एवं विनिमय में २५ की रियायत दी जाएगी.

अवधि :

    *गोल्ड कार्ड तीन वर्ष की अवधि के लिए जारी किए जाएंगे तथा वे जब तक कि कोई प्रतिकूल बात/ अनियमितता देखने में न आए, ३ वर्ष की और अवधि के लिए नवीकृत किए जाएंगे.

अन्य विशेषताएं :
विदेशी मुद्रा में लदान-पूर्व निर्यात ऋण की मंजूरी को प्राथमिकता दी जाएगी.