देना शक्ति
बैंक ने निम्नलिखित कार्यकलापों / क्षेत्रों को शामिल करते हुए संबंधित योजना के क्षेत्र के अंतर्गत अपनी देना शक्ति योजना - महिला उद्यमियों को को वित्तपोषित करने की योजना को संशोधित किया है ताकि महिलाओं तक पहुँचने का दायरा बढ़ाया जा सके.

योजना (भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बताई गई प्राथमिकता क्षेत्र की परिभाषा के अनुसार) के अंतर्गत दिनांक ०१.०३.२००८ से प्रभावी कार्य कलाप

१.कृषि एवं सहायक कार्य कलाप

२.लघु उद्यम (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष वित्त)

सूक्ष्म एवं लघु (निर्माण क्षेत्र) उद्यम

सूक्ष्म एवं लघु (सेवा) उद्यम जिनमें लघु सड़क एवं जल परिचालक, छोटे कारोबारी व्यवसायी तथा स्ववनयोजित व अन्य सभी सेवा उद्यम शामिल हैं

३.खुदरा व्यवसाय

४.सूक्ष्म साख

५.शिक्षा

६.आवासन

२. ऋण की सीमा : इस योजना के तहत महिला हिताधिकारियों को वित्तपोषित करने हेतु अधिकतम सीमा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के लिए निर्धारित दिशानिदेशानुसार होगी, जैसे कि खुदरा व्यवसाय के लिए रु.२०.०० लाख तक के लिए ऋण हेतु; शिक्षा एवं आवासन हेतु रु.२०.०० लाख तक के ऋण हेतु तथा सूक्ष्म साख के लिए रु.५०,०००/-; साथ ही समय-समय पर शाखाओं / कार्यालयों में परिचालित बैंक की विनिर्दिष्ट योजनाओं में निर्धारित सीमीओं के अनुरूप भी होगी.

३. मार्जिन : भारतीय रिजर्व बैंक / बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानदंडों के अनुसार मार्जिन होगा.

४. ब्याज दर: हमारे बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान दिशानिदेशों के अनुसार ब्याज का प्रभार लगाया जाना है, जैसा कि कृषि, लघु उद्यम एवं अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के विविध क्षेत्रों पर लागू है, बैंक द्वारा विनिर्दिष्ट कुछ शर्तों के अधीन, ब्याज दर में @ २५ आधार बिन्दु की दर से रियायत / छूट जैसा कि प्रचलित कार्य कलापों पर लागू है, महिला हिताधिकारियों को दी जाएगी.

अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप बैंक की नजदीकी शाखा से संपर्क कर सकते हैं