राष्ट्रीय ईक्विटी निधि

(एनईएफ)
राष्ट्रीय ईक्विटी निधि योजना के अधीन उद्यमियों को अति लघु / लघु क्षेत्र में नयी परियोजनाएं लगाने, विस्तार, आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी उन्नयन का कार्य आरंभ करने तथा विद्यमान अति लघु, लघु एवं सेवा उद्यमों का विशाखन करने एवं लघु उद्योग क्षेत्र हेतु निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाली व्यवहार्य रुग्ण इकाइयों के पुर्नवास के लिए ईक्विटी सहायता उपलब्ध होती है.

राष्ट्रीय ईक्विटी निधि से मिलने वाली सहायता से लघु उद्योग इकाइयों को अपने ईक्विटी आधार को सुदृ़ढ बनाने में तथा उसके माध्यम से प्राथमिक ऋणदात्री संस्थाओं (पीएलआई) द्वारा सावधि वित्तीयन हेतु अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद प्राप्त होती है.

नयी परियोजनाओं के मामले में परियोजना लागत (कार्यशील पंूजी के लिए मार्जिन राशि सहित) रु. ५० लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. निर्धारित ऋण-ईक्विटी मानदंडों के अनुसार ईक्विटी में विद्यमान अंतर को पूरा करने के लिए प्रवर्तकों के अंशदान, जो परियोजना लागत का अधिकतम २५ या प्रति परियोजना रु.१०.०० लाख, इनमें से जो भी कम हो, इस योजना के अधीन उपलब्ध होगा. ५ प्रति वर्ष के सेवा प्रभार को छाे़ड कर सुलभ ऋण संघटक पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगाया जाएगा.