कपडा उद्योग के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि

(टीयूएफएस)
राष्ट्रीय उद्योग एवं व्यापार नीतियों में हो रहे उदारीकरण और कपड़ा व्यापार के वैश्वीकरण के संदर्भ में तथा कपड़ा उद्योग में उन्नयन के माध्यम से आधुनिकीकरण के प्रयासों को विशेष बल प्रदान करने के उ ेश्य से १ अप्रैल,१९९९ से पांच वर्षों की अवधि के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन निधि योजना(टीयूएफएस) के नाम से एक योजना कार्यान्वित की जा रही है.

प्रौद्योगिकी उन्नयन का सामान्यतया अभिप्राय होगा पर्यावरणात्मक स्थितियों आदि में सुधार लाने की दृष्टि से अधुनातन प्रौद्योगिकी या लगभग अधुनातन प्रौद्योगिकी को लागू करना. केवल विद्यमान मशीनरी /उपकरणों को बदल देने से ही उक्त योजना के तहत मिलने वाली किसी रियायत का पात्र नहीं बना जा सकता और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक इसकी नोडल एजेन्सी है.

विस्तार सहित या उसके बिना विद्यमान इकाइयां तथा नयी इकइयां इस योजना में समावेश की पात्र होती हैं. विद्यमान इकाइयां अधुनातन प्रौद्योगिकी की सहायता से आधुनिकीकरण और / या विस्तार कर सकती हैं. नयी इकाइयों को आवश्यक रूप से समुचित रूप से पात्र प्रौद्योगिकी की सहायता से ही अपनी सम्पूर्ण सुविधाएं जुटानी होंगी.

इस योजना के अधीन प्रौद्योगिकी उन्नयन की परियोजना के लिए दिए गए रुपया ऋण हेतु बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज पर पांच प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति की सुविधा या विदेशी मुद्रा ऋणों के सम्बन्ध में विनिमय दरों में होने वाले उतार-चढ़ावों के लिए अधिकतम ५ की सुरक्षा उपलब्ध होती है.