देना किसान गोल्ड क्रेडिट कार्ड योजना

(डीकेजीसीसी)

उ ेश्य

इस योजना का लक्ष्य कृषि ऋणों के सम्बन्ध में ''पूर्णरूपेण कृषिक दृष्टिकोण'' अपनाना है. यह योजना ऋण के प्रयोजन, उसकी रकम और समय के सम्बन्ध में लचीलापन एवं विकल्प सुनिश्चित करती है.

पात्रता

  • किसान, उनकी जोत कितनी ही क्यों न हो
  • पिछले ३ वर्षों से विद्यमान ऋण खातों का नियमित रूप से संचालन.

प्रयोजन

किसान को दुधारू पशुओं, बैलगाड़ियों की खरीद, कुएं की खुदाई, विद्युत मोटर, ड्रिप/छिड़काव वाली सिचाई प्रणाली लगाने, पाइप लाइन बिछाने, ट्रैक्टरों एवं कृषि उपकरणों जैसी कृषि मशीनरी की खरीद, कृषि भवनों/गृहों जैसे विविध प्रकार के निवेश ऋण विकल्पों को चुनने की स्वतंत्रता होगी.
चिकित्सकीय उपचार, बच्चों की शिक्षा एवं पारिवारिक समारोहों आदि जैसी घरेलू आवश्यकताओं, जो उक्त सीमा के १० से अधिक न हांे, के लिए भी व्यवस्था होती है.

सुविधा का स्वरूप

सावधि ऋण

मार्जिन

इस योजना के तहत १५ की समान दर पर मार्जिन लिया जाना है.

संवितरण

अनुरोध किए जाने पर ऋण की रकम उधारकर्ता के बचत बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी तथा उधारकर्ता को ऋण की रकम या तो आपूर्तिकर्ता को चेक जारी करते हुए या फिर धनराशि को नकद रूप में आहरित करने की अनुमति प्रदान की जाएगी. रु. ५०,०००/ या फिर स्वीकृत सीमा के अधिकतम १० तक के संवितरण के लिए किसी प्रकार की भाव-सूची/बिल की आवश्यकता नहीं होगी. हालांकि, रु. ५०,०००/ से अधिक का संवितरण भाव-सूचियों, बिलों और रसीदों के आधार पर किया जाएगा, ताकि ऋण के समुचित अंतिम उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके. ऋण के ट्रैक्टर की खरीद हेतु होने की स्थिति में सामान्य परंपरा के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के पास देना बैंक के प्रभार को पंजीकृत कराना आवश्यक होगा.

ब्याज दर

इस योजना के तहत प्रदत्त ऋणों पर समय-समय पर प्रचलित ब्याज दर लागू होगी.

प्रक्रिया शुल्क

इस योजना के तहत प्रक्रिया शुल्क में ५० की रियायत उपलब्ध होती है और तदनुसार प्रक्रिया शुल्क निम्नानुसार होगा :

ऋण का आकार

 

  प्रक्रिया शुल्क

 रु. ५०,०००/- तक   शून्य
 रु. ५०,०००/- से अधिक-. ५.०० लाख तक-  स्वीकृत सीमा का ०.५        &nbs०.५ष्       &nbs (एकमुश्त)

अजा/अजजा श्रेणियों से सम्बन्धित हिताधकारियों को किसी भी प्रकार का प्रक्रिया शुल्क दिए जाने से पूर्णत: छूट प्राप्त होगी.

पर्यवेक्षण प्रभार

देना बैंक के प्रति निष्ठावान नियमित किसानों को पर्यवेक्षण प्रभार लगाए जाने के सम्बन्ध में रियायत प्रदान की जाएगी , जिनमें नीचे दिए गए ब्यौरे के अनुसार कमी कर दी जाएगी :

ऋण का आकार

 

 पर्यवेक्षण प्रभार

  (१) रु. ५०,०००/- तक    शून्य
(२) रु. ५०,०००/- से अधिक- रु. २.०० लाख तक   प्रति तिमाही रु. २५/-
(३) रु. २.०० लाख से अधिक-रु. ५.०० लाख तक     प्रति तिमाही रु. ५०/-

अजा/अजजा श्रेणियों से सम्बन्धित हिताधिकारियों को किसी भी प्रकार के पर्यवेक्षण प्रभार दिए जाने से पूर्णत: छूट प्राप्त होगी.

प्रतिभूति

प्राथमिक- देना बैंक के वित्त से निर्मित आस्ति का दृष्टिबंधन.

संपाश्र्विक- कृषि भूमि का रेहन/उस पर उप पंजीयक कार्यालय में सामान्य प्रभार.
जब कभी कृषि भूमि रेहन रखी जा सकती हो, तो शाखाएं राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र, सावधि जमा रसीद या भारतीय जीवन बीमा निगम पालिसियों के समनुदेशन जैसी नकद आस्तियों के समनुरूप मूल्य की प्रतिभूति प्राप्त कर सकती हैं. तथापि, प्रतिभूति बैंक को उचित रूप से प्रभारित होनी चाहिए.

चुकौती अवधि

इस योजना के तहत प्रत्येक ऋण खाते की अपनी-अपनी चुकौती अवधि होगी तथा उपलब्ध होने वाली अधिकतम चुकौती अवधि ७ वर्ष की होगी. हालांकि , ट्रैक्टर / कृषि उपकरण ऋणों की अधिकतम चुकौती अवधि ९ वर्ष की होगी.

दण्डात्मक ब्याज

चूक होने की स्थिति में देना बैंक की विद्यमान नीति के अनुसार दण्डात्मक ब्याज लगाया जाएगा.

अन्य दिशानिर्देश

सुविधा स्वीकृत किए जाने पर उधारकर्ता को उसके फोटो सहित एक पहचानपत्र व पास बुक प्रदान की जाएगी. इस पास बुक में भिन्न-भिन्न खातों के लिए अलग-अलग फोलियो होंगे. यह सुविधा वार्षिक समीक्षाओं के अधीन तीन वर्षों तक वैध रहेगी. उप-सीमा/सीमा में किसी भी प्रकार की चूक होने पर किसान-उधारकर्ता और अधिक आहरण के लिए पात्र नहीं रह जाएगा. उक्त सुविधा का संवितरण उधारकर्ता के अनुरोध के अनुसार किया जाएगा. उधारकर्ता इसके पूर्व यथावर्णित विविध प्रकार की सुविधाएं चरणबद्ध रूप में या एकबारगी प्राप्त कर  सकता है.