सामाजिक - अर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बैंकिंग उद्योग की क्षमता तथा अधिक से अधिक ग्राह्कों को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रक्रिया , अंततोगत्वा ग्राह्कों की संतुष्टि पर निर्भर करेगी । ह्में पूर्ण विश्वास है कि संतुष्ट ग्राह्क हमारे कारोबार को बढ़ाने में प्रमुख घटक हैं ।
देना बैंक में ह्मने यह् मह्सूस किया कि ज्यादा से ज्यादा ग्राह्क अनुकूल होने के लिए बैंक को ग्राह्कों के लिए सेवाओं का चार्टर तैयार करना चाहिए । सिटिजन्स चार्टर संकल्पना को इस आवश्यकता की पूर्ति का प्रमुख साधन माना गया और तदनुसार यह् प्रलेख तैयार किया गया था । यह् प्रलेख ग्राह्कों के परामर्श से तथा देना बैंक की ग्राह्क संतुष्टि के प्रति वचनबद्धता की प्रमुख विशेषताओं के साथ तैयार किया गया था । इस प्रकार यह् अपने अधिकारियों तथा स्टाफ के बीच जवाबदेही एवं उत्तरादायित्व सुनिश्चित करता है ।यह् चार्टर ग्राह्कों के लिए न केवल ह्मारी प्रतिबद्धता तथा उत्तरादायित्व और निवारण पद्धति की व्याख्या करता है , वरन् ग्राह्क बैंकर संबंधों में स्वस्थ प्रणाली हेतु ग्राह्कों के दायित्व का भी उल्लेख करता है ।
यह् कोई विधिक प्रलेख नहीं है जिससे अधिकार एवं दायित्व बनते हो । यह् चार्टर उचित बैंकिंग कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करने तथा ग्राह्क सेवा से संबंधित विभिन्न कार्यकलापों के बारे में जानकारी प्रदान करने हेतु तैयार किया गया है ।
ह्म वित्त मंत्रालय , भारत सरकार तथा प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा की गई पह्ल के लिए आभार प्रकट करते हैं जिन्होंने यह् चार्टर तैयार करने हेतु ह्में प्रोत्साहित किया ।
ग्राह्क सेवा का मूल्यांकन करने , सुधार करने तथा क्षेत्र विस्तृत करने हेतु विभिन्न सेमिनारों , ग्राह्क बैठकों के जरिए हम अपने ग्राह्कों के साथ निरंतर परामर्श करते रह्ते हैं । फिर भी , हम अपने सभी ग्राह्कों से अनुरोध करते हैं कि कृपया बैंक द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाओं के बारे में अपने अनुभव तथा इस चार्टर पर अपनी टिप्पणी से ह्में निस्संकोच अवगत कराएं ।इसे आगामी वर्षों में और भी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित करने का हमारा इरादा है ।