केन्द्र और राज्य सरकारों के पेंशन भोगी ह्मारी किसी भी शाखा में अलग पेंशन खाता खोल सकते है ।
पेंशनभोगी से अपेक्षा है कि वे वर्ष में एक बार (अर्थात् नवम्बर महीने में) जीवित होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें ताकि शाखाएं बिना किसी व्यवधान / विलंब के पेंशन का भुगतान कर सकें ।
शाखा द्वारा पेंशन महीने के अंतिम चार कार्य दिवसों के दौरान पेंशनभोगी के बचत या चालू खाते में जमा की जाएगी । मार्च महीने की पेंशन अप्रैल के पह्ले कार्य दिवस को या उसके पश्चात् जमा की जाएगी । पेंशन का भुगतान नकदी या संयुक्त खाते के जरिए नहीं की जाएगी । प्रत्येक पेंशन भोगी से अपेक्षा है कि वह् आवधिक रूप से जीवित होने / विवाह् / पुनर्विवाह् / बेरोजगार प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें ।
प्रेषण सेवा
बैंक के नियमानुसार निर्दिष्ट प्रभारों का भुगतान करके , ग्राह्क मांग डा्रफ्ट या तार अंतरण (ता. अं) आदि द्वारा निधियां एक केन्द्र से दूसरे केन्द्र को भेज सकते है।
ग्राह्क ५ लाख रुपये तक कलकत्ता , चेन्नै , दिल्ली और मुंबई को / से निधियों के अंतरण हेतु भारिबैं द्वारा परिचालित इलेक्टा्रॅनिक फंड्स टा्रंसफर प्रणाली की सुविधा का प्रयोग कर सकते है ।
५०,००० रुपये या उससे अधिक के मांग डा्रफ्ट , तार अंतरण और यात्री चेक बैंकों द्वारा ग्राह्क के खातों में नामे लिखकर या खरीदार द्वारा प्रस्तुत चेकों या अन्य लिखतों के प्रति ही जारी किए जाएंगे , नकद भुगतान के प्रति नहीं । इसी प्रकार , ५०,००० रुपये और उससे अधिक के ऐसे भुगतान बैंकिंग तंत्र के माध्यमों के जरिए ही किए जाएंगे , नकदी में नहीं।
गैर- अदायगी सूचना की प्राप्ति के बिना डुप्लिकेट मांग डा्रफ्ट जारी करना भारिबैं के निदेशानुसार , बैंक ५,००० रुपये तक का डुप्लिकेट मांग डा्रफ्ट पर्याप्त क्षतिपूर्ति के आधार पर तथा अदाकर्ता शाखा से गैर - अदायगी सूचना प्राप्त किए बिना जारी करेंगे ।
डुप्किकेट मांग डा्रफ्ट जारी करने हेतु निर्धारित समय - सीमा भारिबैं के निदेशानुसार , बैंक अनुरोध प्राप्त होने के एक पखवाड़े के भीतर ग्राह्क को डुप्लिकेट मांग डा्रफ्ट जारी करने में उपर्युक्त निर्धारित अवधि से ज्यादा विलंब होने पर , बैंक द्वारा इस प्रकार के विलंब हेतु ग्राह्क की क्षतिपूर्ति के लिए तदनुरूपी परिपक्वता की मियादी जमा के लिए लागू दर पर ब्याज का भुगतान किया जाएगा ।
नकदी आदेश (अर्थात् भुगतान आदेश, बैंकर्स चेक )
नकदी आदेश स्थानीय रूप से भुगतान करने के लिए किया जाता है ।
५०,००० रुपये या उससे अधिक का नकदी आदेश जारी करना / की अदायगी बैंक खाते के माध्यम से ही की जाएगी ।
नकदी आदेश की वैधता अवधि ६ माह् है । खरीदार के लिखित अनुरोध पर जारीकर्ता शाखा द्वारा इसका पुनर्वैधीकरण कराया जा सकता है ।