केवल अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायी जा सकती है जो अपने संगठन के हैं. अन्य संगठन के अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज नहीं करायी जा सकती है.
केन्द्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिदेशों के अनुसार सतर्कता विभाग को किसी छद्म / बेनामी शिकायतों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है. तथापि, ये सूचना स्रोत के आधार पर किसी संदेहजनक सतर्कता विषय में छानबीन करने के लिए बैंक / मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) के अधिकारों को प्रतिबंधित नहीं करते हैं. यदि सीवीओ ऐसी शिकायतों की छानबीन करने के आदेश को उचित पाते हैं तो छानबीन की जा सकती है.
जब कभी वैध कारणों से कोई शिकायतकर्ता यह अनुरोध करता है कि शिकायती जाँच करने के दौरान उसकी पहचान रोक कर रखी जाए तो इसे सतर्कता विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा.
शिकायत संक्षिप्त होनी चाहिए एवं उसमें तथ्यात्मक जानकारी, जाँचने योग्य सच्चाई व संबंधित बातें होनी चाहिए. वह अस्पष्ट अथवा हल्के सामान्य आरोपों वाली नहीं होनी चाहिए.
शिकायत सीधे सीवीओ को संबोधित होनी चाहिए.
सीवीओ / सतर्कता विभाग केवल उन्हीं पत्रों / शिकायतों की पावती देगा जिसे छानबीन हेतु स्वीकार किया जाएगा.
सतर्कता विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि छानबीन के लिए स्वीकार की गई शिकायत को उसमें की जाने वाली कार्रवाई के तार्क;िक निष्कर्ष तक ले जाया जाएगा.