निवेशक संपर्क केद्र
शेयर धारकों का संदर्भ सूचक डाउन लोड करना
राष्ट्रीयकृत बैंकों में देना बैंक प्रथम बैंक है, जिसने नवंबर,1996 में शेयर बाजार में प्रवेश किया.आज 350.06करोड़ शेयर पूंजी में से 55.24% शेयर भारत सरकार के पास हैं.बैंक के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इण्डिया लि. एवं मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज लि. में सूचीबध्द हैं.बैंक द्वारा देना कॉरपोरेट सेण्टर, मुम्बई में शेयर धारकों एवं बाण्ड धारकों को सहायता प्रदान करने के लिए निवेशक संपर्क केद्र की स्थापना की गई है.शेयरों को बेकागजीकृत, शेयरोंके अंतरण, हस्तांतरण, पते में परिवर्तन, लाभांश प्राप्त न होने, अनुलिपि/खोए हुए शेयर प्रमाण पत्रों एवं शेयरों तथा बाण्डों से संबंधित अन्य विषयों के संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए,विभाग पूर्णतः तैयार है
शेयर/बाण्ड से संबंधित किसी भी पूछताछ के लिएनिवेशक संपर्क केद्र से91-22-26545317-20 परया निम्नलिखित पते पर संपर्क करें -
पता -
देना बैंक,
निवेशक संपर्क केंद्र,
देना कॉरपोरेट सेण्टर, तृतीय तल,
सी-10, जी-ब्लाक, बांद्रा कुर्ला काम्प्लेक्स,
बांद्रा (पूर्व), मुम्बई - 400 0051
टेलीफोन नं. 91-22-26545317 से 20
टेली फैक्स 91-22-26545317
ईमेल : irc@denabanl.co.in
कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक अवकाश एवं रविवार को छोडकर एवंप्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शनिवार को बाण्ड/शेयर सेसंबंधित किसी भी शिकायत के लिए कृपया निम्न आईडी पर ईमेल करें :
investorgrievance@denabank.co.in
शेयर अंतरण अभिकर्ता
मै.शेयरप्रो सर्विसेस (इंडिया) प्रा.लि. (13 एबी, समहिता वेयरहाऊसिंग काम्प्लेक्स, द्वितीय तल, साकीनाका टेलीफोन एक्सचेंज के पास, अंधेरी कुर्ला रोड, साकीनाका, अंधेरी(पू), मुम्बई-400072) बैंक का शेयर अंतरण अभिकर्ता है( भौतिक शेयर धारण के प्रकरण में) पता परिवर्तनके लिए, बैंक अधिदेश के परिवर्तन के लिए, शेयर अंतरण के लिए, ईसीएस के अधिदेश आदि के लिए,दिये गये पते पर पत्र व्यवहार करें.
डिपॉजिटरी पध्दति
बैंक का शेयर नेशनल सेक्यूरीटिज डिपाजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) एवं सेन्ट्रल डिपाजिटरी सर्विसेस(इण्डिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) में भी स्वीकार किया जाता है ताकि इलेक्ट्रानिक माध्यम से इन शेयरों को धारण करने एवं उनमें व्यापार करने की सुविधा हो.
बैंक डिपॉजिटरी सहभागिता (डीपी) के रुप में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड में भी पंजीकृत है और दिनांक23.12.1997 से पूंजीगत बाजार शाखा के माध्यम से सभी स्तरीयडिपॉजिटरी को प्रस्तावित किये जाने हेतु एनएसडीलमें शामिल हुआ है
शेयर धारकों के लाभ के लिए डिपॉजिटरी की अवधारणा , इलेक्ट्रानिक प्रारुप में शेयरों एवं प्रतिभूतियों को धारण करने एवंउनमें व्यापार से होने वाले लाभ को नीचे बताया गया है :
डिपॉजिटरी एक संगठन होता है , जहां भौतिक रुप से इलेकट्रानिक बही में इलेक्ट्रानिक प्रारुप में किए गए व्यापार एवं निपटान सुविधापूर्वक किए जाने हेतु प्रविष्टियां की जाती हैं इसकी गतिविधि एवं परस्पर सक्रियता डिपॉजिटरी सहभागिता (डीपी) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज के ग्राहकों एवं समाशोधन सदस्यों के साथ होती है.
निवेशक के पास एक विकल्प होता है कि वह प्रतिभूतियों को पूर्ण रुप से या आंशिक रुप से अभौतिक (इलेक्ट्रानिक) रुप में याभौतिक रुप में रख सके.
निवेशक अपनी प्रतिभूतियों को कागजी रूप में विकल्प देने के बाद भौतिक रूप में पुनः परिवर्तित कर सकता है.
प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रानिक / डिमॅट रूप में रखने और व्यापार करने के लाभ नीचे दिए गए हैः
-
डिपोजिटरी में शेयरों, म्युच्युअल फंड यूनिटों और ऋण लिखतों के अंतरण पर कोई स्टाम्प शुल्क नहीं देना पड़ता.
-
खराब सुपुर्दगियों की समस्याओं का समाधान और भौतिक प्रमाणपत्रों से जुड़े जोखिमों जैसे खोना, चोरी होना, कट-फट जाने के जोखिम से मुक्ति.
-
प्रतिभूतियों के अंतरण का तुरंत पंजीकरण.निवेशक के पास स्टॉक की तरलता बढ़ना.
-
स्क्रिपलेस व्यापार के लिए प्रतिभूतियों और निधियों की बिक्री पर प्राप्य राशि और भुगतान उसी दिन होना.
-
तीव्र निपटान चक्र.
-
कार्पोरेट लाभ जैसे अधिकार, बोनस आदि इलेक्ट्रानिक रूप में वितरित होना.
-
डिमेट की गई प्रतिभूतियों के व्यापार के लिए शेयर दलालों द्वारा दलाली में कमी.
-
कागजी कार्य कम होना.
यदि आप डिपोजिटरी प्रणाली में शामिल होकर अपनी शेयरधारिता इलेक्ट्रानिक रूप में रखना चाहते हों, तो आप किसी भी डिपोजिटरी प्रतिभागी (डीपी) या हमारी कैपीटल मार्केट शाखा, मुंबई में खाता खोल सकते हैं और डीपी के माध्यम से शेयर प्रमाणपत्रों को बैंक के रजिस्ट्रार के पास बेकागजीकरण के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं.
उसके पश्चात डीपी यह सुनिश्चित करेगा कि बैंक / रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद भौतिक रूप में रखे गए शेयर रद्द किए जाएं और उसकी समान संख्या में शेयर डीपी के पास रखे आपके खाते में इलेक्ट्रानिक रूप में जमा किए जाएंगे.आपको अपने इलेक्ट्रानिक रूप में रखे गए शेयर पुनः कागजीकरण की प्रक्रिया के द्वारा शेयर सर्टिफिकेट को भौतिक रूप में परिवर्तित करने की अनुमति भी दी जाती है.