इस योजना की घोषणा माननीय प्रधान मंत्री द्वारा ३० अगस्त २००० को नई दिल्ली में आयोजित लघु उद्योग पर राष्ट्रीय सम्मेलन में की गई थी . यह योजना ०१.१०.२००० से लागू है तथा इसमें बैंकों द्वारा लघु उद्योग इकाइयों को कतिपय चुनिंदा क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए प्रदान किए गए ऋणों पर १२ की अंतिम छोर वाली पूंजी सब्सिडी प्रदान की जाती है. यद्यपि प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए बैंकों द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता आवश्यकता पर आधारित होगी, १२ की सब्सिडी सहायता ऋण की रकम तक ही निम्नानुसार सीमित रहेगी :
(रकम लाख रु. में)
क्रम सं. | निवेश सीमा | सब्सिडी के लिए पात्र ऋण की न्यूनतम सीमा | उपलब्ध अधिकतम सब्सिडी
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१ | संयंत्र एवं मशीनरी में रु. १० लाख से कम निवेश वाली अति लघु इकइयां | ८ | ०.९६ |
२ | संयंत्र एवं मशीनरी में रु. १० लाख और रु. २५ लाख के बीच निवेश वाली लघु उयोग इकाइयां | २० | २.४ |
३ | संयंत्र एवं मशीनरी में रु. २५ लाख से अधिक निवेश वाली लघु उद्योग इकाइयां | ४० | ४.८ |